शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016

एडमिन ही कानूनी तौर पर जिम्मेदार


उम्रकैद तक का प्रावधान
व्हाट्सएप ग्रुप पर संदिग्ध मैसेज वाले पहचान ग्रुप एडमिन के रूप में की जाती है। जिस ग्रुप से मैसेज आता है, उससे पूछा जाता है कि मैसेज भेजने वाला कौन है। ऎसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि ग्रुप एडमिन ही बाकी सदस्यों को जोड़ता है। आईटी एक्ट 2008 के अनुसार राष्ट्रद्रोह के मैसेज भेजने वाले को उम्रकैद भी हो सकती है। अश्लील मैसेज या इमेज भेजने पर 5 साल और अगर यह बच्चों के हो तो 7 साल की सजा और 10 लाख का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

एडमिन ही कानूनी तौर पर जिम्मेदार
गौरतलब है कि व्हाट्सएप में मैसेज या फोटो किसने शेयर किया यह पता लगाना बहुत ही मुश्किल होता है। 10 हजार में से एक में ही ओरिजनल पोस्ट करने वाला का पता लग पाता है। ऎसे में गु्रप एडमिन ही कानूनी तौर पर मैसेज के लिए जिम्मेदार होता है।

बेहद जरूरी है सावधान रहना
व्हाट्सएप में ग्रुप बनाकर सदस्य जोड़ते समय सावधानी बेहद जरूरी है। क्योंकि ग्रुप के किसी भी सदस्य ने यदि आपत्तिजनक विडियो, फोटो या अन्य सामग्री पोस्ट किया और किसी ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी तो उस ग्रुप के एडमिन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

सोशल मीडिया में इन दिनों व्हाट्सएप काफी लोकप्रिय है, लेकिन इसमें ग्रुप बनाने और सदस्यों को जोड़ने में सावधानी बेहद जरूरी है। यदि किसी ग्रुप में कोई सदस्य देशद्रोह से संबंधित फोटो, विडियो या अन्य सामग्री पोस्ट करता है तो उस ग्रुप के एडमिन को आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। वहीं अश्लील फोटो या विडियो भेजने पर पांच साल तक की सजा व लाखों रूपए जुर्माना हो सकता है।

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